रेटिंग: ⭐⭐⭐⭐⭐ 5/5
नई दिल्ली। कुछ फिल्में सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं बनतीं, बल्कि वे अपने दौर की पहचान बन जाती हैं। ऐसी ही उम्मीदों और भव्यता के साथ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम्’। जिस फिल्म का दर्शकों को लंबे समय से इंतजार था, आखिरकार वह इंतजार खत्म हो गया है। 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म भारतीय महाकाव्य रामायण को एक नए और भव्य सिनेमाई अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।
रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे शानदार कलाकारों से सजी इस फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है, जबकि निर्माता नमित मल्होत्रा हैं। लगभग 4,000 करोड़ रुपये के कुल बजट वाली इस दो भागों की महागाथा को भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है।
फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण रणबीर कपूर का भगवान श्रीराम के किरदार में नजर आना है। उनके अभिनय में गंभीरता, सहजता और भावनात्मक गहराई देखने को मिलती है। साई पल्लवी ने अपने किरदार में खूबसूरती और संवेदनशीलता का परिचय दिया है, वहीं यश की मौजूदगी फिल्म को अलग स्तर की ऊर्जा प्रदान करती है।
लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे विशेष रूप से प्रभावित करते हैं। उनका अभिनय फिल्म के महत्वपूर्ण आकर्षणों में शामिल है। कलाकारों की कास्टिंग फिल्म की मजबूत कड़ी नजर आती है।
फिल्म की असली ताकत नितेश तिवारी का निर्देशन है। उन्होंने रामायण जैसे विशाल और भावनात्मक महाकाव्य को आधुनिक तकनीक और भव्य सिनेमाई प्रस्तुति के साथ पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।
फिल्म के एक्शन सीक्वेंस बेहद शानदार हैं। हर अगला एक्शन दृश्य पिछले से अधिक प्रभावशाली नजर आता है। युद्ध के दृश्य, भव्य सेट, शानदार सिनेमैटोग्राफी और विजुअल इफेक्ट्स दर्शकों को एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।
DNEG और नमित मल्होत्रा की टीम ने फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स पर शानदार काम किया है। कुछ दृश्यों में तकनीकी कमियां जरूर महसूस होती हैं, लेकिन बेहतरीन एडिटिंग और निर्देशन के कारण वे फिल्म के समग्र प्रभाव को कमजोर नहीं कर पातीं।
फिल्म में केवल भव्यता और एक्शन ही नहीं, बल्कि कुछ हल्के-फुल्के और मनोरंजक पल भी हैं। यही संतुलन फिल्म को लगातार देखने योग्य बनाता है। रामायण की कहानी से परिचित दर्शकों के लिए इसके किरदार और प्रसंग भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर सकते हैं।
इस फिल्म को लेकर सबसे बड़ी बात इसकी महत्वाकांक्षा है। भारतीय संस्कृति और आस्था से जुड़ी रामायण की गाथा को विश्वस्तरीय तकनीक के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है।
निर्माता नमित मल्होत्रा का उद्देश्य भगवान श्रीराम की गाथा को दुनिया भर के दर्शकों तक एक अभूतपूर्व सिनेमाई अनुभव के रूप में पहुंचाना है। 3D और IMAX तकनीक के इस्तेमाल से फिल्म की भव्यता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की कोशिश की गई है।
‘रामायणम्’ भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी और महत्वाकांक्षी पेशकश है। रणबीर कपूर का अभिनय, साई पल्लवी की खूबसूरत अदाकारी, यश की दमदार मौजूदगी, रवि दुबे का प्रभावशाली प्रदर्शन और नितेश तिवारी का निर्देशन फिल्म को खास बनाते हैं।
कुल मिलाकर, फिल्म में वह भव्यता और सिनेमाई आकर्षण नजर आता है, जिसकी उम्मीद दर्शक लंबे समय से कर रहे थे। इसे छोटे पर्दे पर देखने के बजाय IMAX या किसी बड़ी स्क्रीन पर देखना बेहतर अनुभव हो सकता है।
अंतिम बात: ‘रामायणम्’ को ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर बनने से कोई नहीं रोक सकता, बशर्ते दर्शकों का प्यार और समर्थन इसे उसी ऊंचाई तक पहुंचाए, जिसकी यह भव्य फिल्म हकदार है।
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