प्रकृति हमारे घर की तरह है। हम प्रकृति की रक्षा करते हैं और प्रकृति हमारी। लेकिन हमारे रोजमर्रा के कामों जैसे खाना पकाने, साफ-सफाई, कपड़े धोने, सफर करने से कई रूपों में प्रकृति पर प्रभाव पड़ता है। अभी जबकि हम सबकी जिंदगी लगभग रूक सी गई है, प्रकृति फल-फूल रही है। इस वक्त ने हमें प्राकृतिक दुनिया को पोषित करने की सीख दी है। हम पुराने दौर में वापस नहीं लौट सकते और इसलिये जीवन अनुशासित तरीका अपनाना और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। अनुशासित जीवन का मतलब है…
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