मुंबई। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बना चुके अभिनेता Ali Fazal ने हाल ही में चर्चित टॉक शो Shekhar Tonite में अपने अंतरराष्ट्रीय फिल्मी सफर के कई दिलचस्प अनुभव साझा किए। बातचीत के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि हॉलीवुड फिल्म Victoria & Abdulकी शूटिंग के दौरान वह केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि उर्दू भाषा की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने वाले एक महत्वपूर्ण सलाहकार की भूमिका भी निभा रहे थे।
शो के होस्ट Shekhar Suman ने अली फज़ल से पूछा कि हॉलीवुड में काम करने का अनुभव कैसा रहा, जहां अधिकांश कलाकार और तकनीकी टीम विदेशी थी। इस सवाल के जवाब में अली ने अपनी बहुचर्चित फिल्म Victoria & Abdulकी शूटिंग के दिनों को याद करते हुए कई दिलचस्प बातें बताईं।
अली ने कहा कि Victoria & Abdul उनके करियर की सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। यह फिल्म एक सच्ची ऐतिहासिक कहानी पर आधारित है, जिसमें भारतीय मूल के अब्दुल करीम और ब्रिटेन की महारानी Queen Victoria के बीच बने विशेष संबंधों को दर्शाया गया है। फिल्म में अली ने अब्दुल करीम का किरदार निभाया था, जो महारानी विक्टोरिया के करीबी विश्वासपात्र थे और उन्हें करीब 15 वर्षों तक उर्दू सिखाते रहे थे। अपने किरदार को बेहतर ढंग से समझने के लिए अली ने दोनों के बीच लिखे गए ऐतिहासिक पत्रों का भी अध्ययन किया था।
उन्होंने बताया कि फिल्म में उर्दू शायरी, कविता और भाषा की बारीकियों का विशेष महत्व था। ऐसे में यदि उन्हें किसी शब्द, वाक्य या नुक्ते में कोई गलती दिखाई देती थी, तो वह उसे तुरंत इंगित करते थे। लेकिन हॉलीवुड की कार्यप्रणाली इतनी व्यवस्थित थी कि उनके द्वारा सुझाए गए हर सुधार को कई स्तरों की जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
अली फज़ल ने मुस्कुराते हुए कहा, “कई बार सिर्फ एक नुक्ते की गलती भी मेरे ध्यान में आ जाती थी। जब मैं उसे सुधारने की बात करता था, तो वह सुझाव सीधे स्वीकार नहीं किया जाता था। पहले उसे BBC और अन्य भाषा विशेषज्ञों के पास भेजा जाता था। वहां कई स्तरों पर जांच होती थी, फिर उसकी पुष्टि की जाती थी। यह प्रक्रिया काफी लंबी होती थी।”
उन्होंने आगे बताया कि समय के साथ फिल्म की पूरी टीम को उनकी भाषा संबंधी समझ और ज्ञान पर पूरा भरोसा हो गया। इसके बाद स्थिति ऐसी हो गई कि निर्माता और क्रिएटिव टीम उनसे सीधे राय लेने लगी। अली के अनुसार, “आखिरकार उन्होंने मुझसे कहा कि अगर आपको कुछ सही या गलत लगे तो बस हमें बता दीजिए। हमें आपके फैसले पर भरोसा है।”
यह अनुभव केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय भाषा और संस्कृति के प्रतिनिधि के रूप में भी अली फज़ल के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने न सिर्फ अपने किरदार को जीवंत बनाया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उर्दू की खूबसूरती और उसकी साहित्यिक विरासत दुनिया के सामने सही रूप में प्रस्तुत हो।
गौरतलब है कि Victoria & Abdul में अली फज़ल ने ऑस्कर विजेता अभिनेत्री Judi Dench के साथ स्क्रीन साझा की थी। फिल्म को दुनियाभर में सराहना मिली थी और अली के अभिनय ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
अली फज़ल की यह दिलचस्प कहानी दर्शाती है कि वैश्विक सिनेमा में केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति और विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। Shekhar Tonite में साझा किया गया यह अनुभव दर्शकों को न सिर्फ मनोरंजन देता है, बल्कि यह भी बताता है कि एक कलाकार किस तरह अपनी जड़ों से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकता है।
