छोटे परदे की सबसे खास दोस्ती!

भारतीय टेलीविजन ने अलग-अलग शोज के जरिए कुछ बेहद ही अनूठी दोस्ती की मिसालें कायम की हैं। इन दोस्तों के बीच प्यार, एक-दूसरे की परवाह, चिंता और साथ-साथ रहने की भावना को परदे पर बखूबी दिखाया जाता है। छोटे परदे के इन दोस्तों ने दर्शकों के दिलोदिमाग पर एक गहरी छाप छोड़ी है। इस बार इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे के अवसर पर, एण्डटीवी के किरदार इस अटूट आॅनस्क्रीन दोस्ती का जश्न मना रहे हैं। इन किरदारों में शामिल हैं,‘दूसरी मां‘ के अशोक (मोहित डागा) और मनोज (आरजे मोहित), ‘हप्पू की उलटन-पलटन‘ के दरोगा हप्पू सिंह (योगेश त्रिपाठी) और बेनी (विश्वनाथ चटर्जी) और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के टीका (वैभव माथुर) और टिल्लू (सलीम जै़दी)। मोहित डागा उर्फ ‘दूसरी मां‘ के अशोक कहते हैं, ‘‘चाहे कोई भी हो, वह हमेशा दोस्तों पर भरोसा कर सकता है, ऐसे समय में भी जब परिवार तक पहुंचना मुश्किल हो रहा हो, और मनोज कुछ ऐसा ही दोस्त है अशोक का। जब अशोक की जिंदगी में तूफान मचा हुआ था तो मनोज ही एकमात्र ऐसा था, जिसने एक अच्छे दोस्त की तरह उसका साथ दिया और उसके साथ एक भाई की तरह खड़ा रहा। अब जबकि, अशोक अपने परिवार के साथ नहीं है, वह हर तरह से यशोदा की मदद  कर रहा है। मनोज उन लोगों में से है जिस पर अशोक आंख मूंदकर भरोसा कर सकता है। उसने बिना किसी झिझक के अपने सबसे गहरे राज उसे बताए। लोगों, हालातों और परेशानियों को लेकर उसकी राय ने हमेशा ही अशोक को सही फैसला लेने में मदद की है।‘‘

योगेश त्रिपाठी उर्फ ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ के दरोगा हप्पू सिंह कहते हैं, ‘‘बेनी, हप्पू का जिगरी यार है। हप्पू अकसर ही अपनी हरकतों की वजह से खुद को मुसीबत में डाल लेता है और बेनी उसे बचाने पहुंच जाता है। वह हमेशा ही हप्पू को अजीबोगरीब मशवरे देता है, जो आखिरकार एक बड़ी मुसीबत बन जाता है। इसके बावजूद वह हप्पू के लिए सबसे प्यारा इंसान है। हप्पू और बेनी की दोस्ती बहुत गहरी है और उन्हें कोई अलग नहीं कर सकता। दोनों के परिवार आपस में भले ही कितना लड़ते-झगड़ते हों, लेकिन वे दोनों साथ-साथ पीने और एक-दूसरे की हौसलाअफजाई का बहाना ढूंढ ही लेते हैं। बेनी एक सच्चा दोस्त है और हप्पू की जिंदगी को खुशनुमा बनाता है।‘‘ वैभव माथुर, यानी ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के टीका कहते हैं, ‘‘टीका और टिल्लू दोस्ती की मिसाल हैं। दोनों की शरारतें और बदमाशियां एक-दूसरे के बिना अधूरी हैं। दोनों साथ होकर ही मजाकिया होते हैं। टीका और टिल्लू की यह अजीब और पक्की दोस्ती बहुत ही मजेदार, मनोरंजन से भरपूर और गुदगुदाने वाली है। दोनों की आॅनस्क्रीन ‘यारी‘ एक-दूसरे की कमी को पूरा करती है और दर्शकों के लिए यह देखना काफी मजेदार होता है। टीका और टिल्लू बिलकुल सही रूप में बेमेल हैं। चाहे कुछ भी हो जाए दोनों एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं। परदे पर इन दोनों की यारी और अटूट सपोर्ट, उन्हें भारतीय टेलीविजन के सबसे अच्छे दोस्त बनाते हैं।‘‘

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