अलविदा अलक्ष्‍मी!  सोनी सब के ‘शुभ लाभ-आपके घर में’ में आखिरकार दुर्भाग्‍य का हुआ अंत

सोनी सब के ‘शुभ लाभ-आपके घर में’ ने अपनी अप्रत्‍याशित कहानी से दर्शकों को बांध कर रखा है। दर्शकों ने देखा कि वैभव मरने ही वाला था और श्रेया (तनीशा मेहता) की शादी ऋषभ (कृप सूरी) से होते-होते बची। ये दोनों ही अनहोनी सविता (गीतांजलि टिकेकर) की आस्‍था और मां लक्ष्‍मी के आशीर्वाद से ही टल पाईं। अलक्ष्‍मी (छवि पांडे) ने भले ही लाख कोशिशें की,लेकि न सविता और श्रेया के विश्‍वास ने उनके परिवार को इन दुर्भाग्‍यपूर्ण घटनाओं से बचा लिया। श्रेया की जबरदस्‍ती शादी कराने की अलक्ष्‍मी की योजना पर पानी फिरने का मतलब यह भी है कि वह लक्ष्‍मी से हार रही है।

तोशनीवाल हाऊस में लक्ष्‍मी नारायण पूजा के बाद, सविता और श्रेया की मुलाकात एक  छोटी बच्‍ची से होती है, जो उन्‍हें एक किताब देती है। वे जब इस किताब को पढ़ते हैं, तो उन्‍हें पता चलता है कि यह पद्म पुराण है, जिसमें अलक्ष्‍मी के लक्षणों के बारे में बताया गया है। श्रेया डॉट्स को हर दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना से जोड़ना शुरू करती है, जिसका सामना उन्‍हें पिछले कुछ दिनों से करना पड़ रहा है। उन्‍हें अहसास होता है कि वे इतने दिनों तक लक्ष्‍मी की नहीं बल्कि अलक्ष्‍मी की पूजा कर रहे थे। वे घर पर एक तुलसी रेखा बनाते हैं और देवी अलक्ष्‍मी से प्रार्थना करते हैं कि वह उन्‍हें जाने दे। उसके बाद सविता अलक्ष्‍मी का हाथ पकड़ लेती है और उसे तोशनीवाल परिवार की सीमाओं से दूर लेकर जाती है। एक बार फिर से घर में मां लक्ष्‍मी का वास हो जाता है  और इस बार भी यह सब सविता और श्रेया की दिल से की गई कोशिशों के कारण ही संभव हो पाया है।

गीतांजलि टिकेकर, जोकि सविता का किरदार निभा रही है, ने कहा, “अलक्ष्‍मी के आगमन के संकेत सविता की जिंदगी में आई घटनाओं से ही मिल गया था और यह मां लक्ष्‍मी के प्रति उसकी भक्ति की परीक्षा थी। लेकिन आखिर में, सविता के  विश्‍वास की जीत होती है और वह अलक्ष्‍मी एवं उसकी  मौजूदगी के दुष्‍प्रभावों को दूर करने में सफल होती है। सोनी सब ने इस शो की कहानी में दर्शकों के लिये एक बेहद खूबसूरत संदेश को पिरोया है। जब सभी लोग अलक्ष्‍मी को सम्‍मानपूर्वक विदा करते हैं, तो दर्शकों को एक बार फिर से यह देखने का मौका मिलता है कि बुराई पर अच्‍छाई की जीत हमेशा होती है।”

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