ज़ी टीवी के आगामी शो ‘मिठाई‘ में लीड भूमिकाएं निभाएंगे देबत्तमा सहा और आशीष भारद्वाज

भारत में मिठाई के बिना कोई भी उत्सव अधूरा रहता है। जहां मिठाइयों की शुरुआत को लेकर पीढ़ियों से कई कहानियां चली आ रही हैं, वहीं हमारी पारंपरिक मिठाइयों का सांस्कृतिक महत्व हमारे स्वाद से कहीं ज्यादा गहरा है। हम सभी का अपनी पसंदीदा मिठाइयों से एक भावनात्मक रिश्ता है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए ज़ी टीवी का आगामी शो ‘मिठाई‘ अपनी तरह का पहला फिक्शन शो है, जो न सिर्फ हमारी पसंदीदा मिठाइयों से हमारा भावनात्मक रिश्ता दर्शाता है, बल्कि दर्शकों को अपनी जड़ों से भी जोड़ता है। यह शो एक लव स्टोरी और एक फैमिली ड्रामा का संगम है, जिन्हें बड़ी खूबसूरती से पारंपरिक भारतीय मिठाइयों के एक प्यारे से डिब्बे में सजाकर पेश किया जा रहा है।

अरविंद बब्बल प्रोडक्शन्स के निर्माण में बना ‘मिठाई‘ मथुरा की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह शो मिठाई नाम की एक लड़की की जिंदगी दिखाता है, जो बड़ी स्वादिष्ट और नायाब मिठाइयां बनाती है और ये कला उसे अपने पिता से विरासत में मिली है। मिठाई उत्तर प्रदेश के बृज क्षेत्र में स्थित एक छोटे से शहर जतीपुरा की रहने वाली एक बड़ी प्यारी लड़की है। वो बड़ी खुशमिजाज है, जो आलू जलेबियों की विरासत को कायम रखना चाहती है, जिसे वहां के मुखारविंध मंदिर में प्रसाद के रूप में दिया जाता है, लेकिन दुर्भाग्य से यह मिठाई अब विलुप्त होने की कगार पर है। वो बड़ी शिद्दत से ये मानती है कि यदि जतीपुरा और मथुरा में दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आलू जलेबियां बांटी जाएं, तो यह दुनिया भर में मशहूर हो जाएंगी। पॉपुलर टेलीविजन एक्ट्रेस देबत्तमा सहा मिठाई की शीर्षक भूमिका निभा रही हैं, जो अपनी मासूमियत से आपके दिलों को छू जाएंगी।

दूसरी और टेलीविजन एक्टर आशीष भारद्वाज इसमें सिद्धार्थ का रोल निभा रहे हैं। सिद्धार्थ पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और मथुरा के रहने वाले भारतीय मिठाइयों के एक पुराने व्यवसायी परिवार के पोते हैं। मिठाई के विपरीत, सिद्धार्थ को मिठाइयां पसंद नहीं है, क्योंकि वो मानते हैं कि उनके पिता ने उनकी मां की सेहत का ख्याल रखने के बजाय मिठाइयों के कारोबार पर ध्यान दिया जिसके चलते उनकी मां की असामयिक मृत्यु हो गई थी। वो अपने पारिवारिक व्यवसाय से कोई लेना-देना नहीं रखना चाहते हैं।

अपने किरदार (मिठाई) को लेकर देबत्तमा सहा ने कहा, ‘‘मैं मिठाई का किरदार निभाने को लेकर वाकई बहुत उत्साहित हूं। जैसे ही मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी, मैंने अपनी तरफ से हां कर दी। अपने किरदार की तरह मुझे भी हमारी भारतीय मिठाइयां बहुत पसंद हैं। असल में बंगाली होने के नाते मिठाइयां हमारी संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं। मुझे लगता है कि मेरा अपने किरदार से बड़ा गहरा नाता है, क्योंकि जिस तरह मिठाई अपने पिता का सपना पूरा करना चाहती है, उसी तरह मैं भी चाहती हूं कि मेरे मां-बाप का सपना पूरा हो और वो मुझ पर गर्व करें। मैं मानती हूं कि इस शो की कहानी दूसरे फिक्शन शोज़ से बिल्कुल अलग है और ये किरदार बिल्कुल अलग जुदा है। वो पूरे शहर में आलू जलेबी जैसी अनोखी मिठाई के साथ खुशियां फैला रही है। मैं यह देखने को उत्सुक हूं कि टेलीविजन पर ये किरदार किस तरह सामने आता है और मैं उम्मीद करती हूं कि दर्शक हमारे सफर से जुड़ेंगे और हमारी संस्कृति में भारतीय मिठाइयों के महत्व को समझेंगे।‘‘

अपने किरदार (सिद्धार्थ) के बारे में बताते हुए आशीष भारद्वाज कहते हैं, ‘‘मिठाई के किरदार से अलग मेरा किरदार व्यक्तिगत कारणों से मिठाई बिल्कुल पसंद नहीं करता, लेकिन वो बड़ा व्यवहारिक और संवेदनशील इंसान है। मुझे अपना किरदार इस शो के कॉन्सेप्ट की तरह ही उत्साहजनक लगा, क्योंकि यह पारंपरिक भारतीय मिठाइयों के प्रति हम भारतीयों की भावनाएं दिखाता है। मुझे यकीन है कि मिठाई और मेरा किरदार सिद्धार्थ दर्शकों को बांधे रखेंगे और अपने सफर से उनमें दिलचस्पी जगाएंगे। ये देखना दिलचस्प होगा कि इन दोनों का खट्टा-मीठा रिश्ता आगे क्या मोड़ लेता है। देबत्तमा के साथ अब तक शूटिंग करने का अनुभव शानदार रहा और मुझे आगे भी उनके साथ काम करने का इंतजार है।‘‘

क्या होगा जब कुछ विचित्र परिस्थितियों में मिठाई और सिद्धार्थ का आमना-सामना होगा और किस तरह उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल जाएगी।

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