संघर्ष रहेगा जारी!

एण्डटीवी के शोज ‘दूसरी माँ‘, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के किरदारों की जिन्दगी में संघर्ष जारी रहेगा। एण्डटीवी के ‘दूसरी माँ‘ की कहानी के बारे में कृष्णा ने बताया, ‘‘यशोदा (नेहा जोशी) परेशान हो जाती है, जब बाबूजी (सुनील दत्त) उसे याद दिलाते हैं कि उसे शाम तक बिजली का बिल भरना है, नहीं तो बिजली चली जाएगी। यशोदा पैसा कमाने के लिये नौकरी ढूंढने की कोशिश करती है, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिलती है। इस बीच, दादाजी यह फैसला नहीं कर  पाते हैं कि बिजली बंद की जाए, या नहीं। जब दादाजी बिजली बंद करते हैं, तब कृष्णा उन्हें देख लेता है और कहता है कि वह उनका वीडियो बनाकर अशोक के वापस आने पर उसे दिखाएगा। दादाजी पीछे हट जाते हैं। हालांकि, महुआ (मनीषा अरोड़ा) यशोदा के कमरे की बिजली काट देती है, जिससे बच्चे परेशान हो जाते हैं। उस वक्त कृष्णा कई दीये जलाकर सभी को खुश कर देता है।’’

एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कहानी के बारे में कटोरी अम्मा ने बताया, ‘‘हप्पू (योगेश त्रिपाठी) और बेनी (विश्वनाथ चटर्जी) को लगता है कि उनके परिवार पैसे का महत्व नहीं समझते हैं। उन्हें सबक सिखाने के लिये वे एक योजना बनाते हैं। हप्पू हार्ट अटैक आने का नाटक करता है। परिवार चिंतित हो जाता है और उसकी आर्थिक मदद करने के तरीके खोजने लगता है। गब्बर (साहेब दास माणिकपुरी) अपनी बार्बर शाॅप फिर से खोलता है, ताकि हप्पू की मदद कर सके, लेकिन उसे बेनी और हप्पू की बातचीत सुनाई देती है और वह परिवार के लोगों को बता देता है। बेनी और हप्पू को रास्ते पर लाने के लिये कटोरी अम्मा (हिमानी शिवपुरी) और बच्चे एचसीआर (ऋतिक, चमची और रनबीर) पैसा चुराने की एक योजना बनाते हैं।’’ एण्डटीवी केे ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की कहानी के बारे में अनीता भाबी ने बताया, ‘‘तिवारी (रोहिताश्व गौड़) को एक वकील एक विंटेज कार देता है और कहता है कि उसे यह उसके दादाजी से वसीयत में मिली थी। इस पर तिवारी बहुत भावुक हो जाता है और उस कार से अपने घर लौटता है। अंगूरी (शुभांगी अत्रे) उस कार का नाम दादाजी पर रखती है। इस बीच, चाचाजी (अनूप उपाध्याय) की काॅफी से प्रभावित होकर अनीता (विदिशा श्रीवास्तव) एक काॅफी हाउस खोलने का फैसला करती है, जिसका नाम ‘एनी टाइम काॅफी हाउस’ होगा। वह कैफे तुरंत मशहूर हो जाता है और काॅलोनी के कई लोग वहाँ पहुँचते हैं। आगंतुकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए, विभूति (आसिफ शेख) लोगों के बैठने की क्षमता बढ़ाता है। इस पर तिवारी गुस्सा हो जाता है, क्योंकि उसे अपनी नई कार को पार्क करने के लिये जगह नहीं मिलती है और वह पुलिस में शिकायत कर देता है। हप्पू (योगेश त्रिपाठी) कैफे को बंद कराने के लिये आता है, लेकिन वह कैफे कमिश्नर की पत्नी को भी पसंद है, इसलिये कमिश्नर उसे बंद न करने की हिदायत देता है।’’

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