‘मेरे साईं’ के तुषार दल्वी ने वर्तमान ट्रैक के बारे में बात करते हुए एक मां और एक बच्चे के खूबसूरत रिश्ते पर की चर्चा

सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का ‘मेरे साईं : श्रद्धा और सबुरी’ इस चैनल के सबसे लंबे समय तक चलने वाले शोज़ में से एक के रूप में भारतीय टेलीविजन पर पौराणिक कथाओं वाले जाॅनर पर राज कर रहा है। जब से इस शो में औद्योगीकरण के दौर की शुरुआत हुई है, तब से ही साईं नगरी शिर्डी में लोगों की जीवन शैली में पूरी तरह से बदलाव आया है। जहां शिर्डी के लोग नए बदलावों के अनुसार खुद को ढाल रहे हैं और उन्हें अपना रहे हैं, वहीं साईं बाबा (तुषार दलवी) उन्हें सही रास्ते पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वर्तमान ट्रैक में, 3 महीने पहले जब से उतिया की मां का निधन हुआ है, तब से ही वो उदास है, इसलिए उसकी पत्नी मदद के लिए साईं बाबा की शरण में जाती है। साईं बाबा एक मां और एक बेटे के बीच के सुंदर और मजबूत बंधन के बारे में बताते हुए उतिया को दिलासा देते हैं। साईं बाबा का रोल निभा रहे तुषार दल्वी बताते हैं, “उतिया की हालत स्वाभाविक है क्योंकि एक मां और उसके बच्चे के रिश्ते से मजबूत कुछ भी नहीं है। मां को खोने का दर्द कुछ महीनों में नहीं मिटेगा, खासकर तब, जब यह बंधन उतिया और उसकी मां के रिश्ते जैसा खास हो। एक मां की कमी को उसका बेटा ही महसूस कर सकता है।”

एक मां-बेटे के खूबसूरत रिश्ते के बारे में बात करते हुए तुषार दल्वी कहते हैं, “एक मां और एक बच्चे का बंधन अंतिम सांस तक अटूट रहता है। एक बच्चे के लिए उसकी मां ही उसकी पूरी दुनिया होती है। एक बच्चा अपनी मां की गोद में प्यार और सुरक्षित महसूस करता है। यह सीक्वेंस इसी रिश्ते को बखूबी दर्शाता है और कैसे एक मां का ना होना बेटे के लिए बड़ा दुखदाई हो सकता है, भले ही वो बड़ा हो गया हो।”

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