नेशनल डाॅक्टर्स डे‘ के मौके पर हिमानी शिवपुरी, शुभांगी अत्रे और सारा खान ने अपने डाॅक्टर्स को कहा शुक्रिया और बांधे तारीफों के पुल

हालांकि, पूरी दुनिया अभी भी महामारी की स्थिति से गुजर रही है, लेकिन हमारे फ्रंटलाइन वाॅरियर्स, डाॅक्टर्स और हेल्थकेयर प्रदान करने वाले लोग बिना थके, बिना रुके दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। ‘नेशनल डाॅक्टर्स डे‘ के मौके पर, एण्डटीवी के कलाकारों और कोविड सर्वाइवर्स ने अपने डाॅक्टर्स के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने इस जानलेवा वायरस से ठीक होने में उनकी हर कदम पर मदद की। उनमें शामिल हैं हिमानी शिवपुरी (‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कटोरी अम्मा), शुभंागी अत्रे (‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अंगूरी भाबी) और सारा खान (‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं‘ की देवी पाॅलोमी)।

हिमानी शिवपुरी ऊर्फ एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कटोरी अम्मा ने कहा, ‘‘मुझे अभी भी वह दिन याद है, जब मैं हाॅस्पिटल में भर्ती थी। मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि सारे जरूरी एहतियात बरतने के बाद भी मैं इस वायरस की चपेट में कैसे आ गयी। आइसोलेशन के उन दिनों को याद करके आज भी मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मैं अपने परिवार से दूर एक जगह पर बंद थी। लेकिन डाॅक्टर्स की उम्मीद ने मेरा हौसला बनाये रखा और इससे मुझे मानसिक रूप से तैयार होने में मदद मिली कि यह बस एक फेज है निकल जायेगा। इसके अलावा, उन्होंने मुझे जो इमोशनल सपोर्ट दिया उससे मुझे जल्द ठीक होने में मदद मिली। मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैं अपने बेटे से दूर हूं। मैं हर डाॅक्टर में उसे देख सकती थी, क्योंकि उन्होंने मेरी बहुत देखभाल की और बेहद प्यार से रखा। इसलिये, इस ‘नेशनल डाॅक्टर्स डे‘ पर मैं उन सारे डाॅक्टर्स को मेरा प्यार और आशीर्वाद देना चाहूंगी जो हमें सुरक्षित रखने के लिये दिन-रात काम कर रहे हैं।‘‘

शुभांगी अत्रे, ऊर्फ एण्डटीवी के ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अंगूरी भाबी कहती हैं, ‘‘एक वायरस एक ही रात में आपकी पूरी जिंदगी बदल सकता है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इस वायरस का शिकार बन जाऊंगी, लेकिन जिंदगी का कोई भरोसा नहीं होता। मैं उन खुशकिस्मत परिवारों में से एक हूं, जिसके घर का एक सदस्य फ्रंटलाइन वाॅरियर है। मेरे देवर एक डाॅक्टर हैं और मैंने घर पर क्वारंटीन रहते हुये, उनकी बतायी सारी बातों का सख्ती से पालन किया। इससे मुझे अपने कमरे में रहते हुये ही रिकवर होने में मदद मिली। मैंने उन्हें दिन-रात काम करते हुये देखा है। बिना एक बार यह सोचे कि यह वायरस उन्हें भी प्रभावित कर सकता है, उन्हें हाॅस्पिटल आते-जाते और हमेशा काम के लिये तैयार देखा है। अपनी परवाह ना करना और काम के लिये समर्पित रहना हर किसी के बस की बात नहीं, लेकिन डाॅक्टर्स इसे बहुत ही सहजता से करते हैं। ‘नेशनल डाॅक्टर्स डे‘ के मौके पर मैं हर उस डाॅक्टर को शुक्रिया कहना चाहती हूं जोकि मानवता की सेवा में लगे हुये हैं। मैं उनके परिवार के प्रति भी आभार व्यक्त करना चाहती हूं, जो उनके सपोर्ट सिस्टम की तरह हैं। मैं जानती हूं कि उनके काम के लिये सिर्फ धन्यवाद ही काफी नहीं है, लेकिन मैं सभी डाॅक्टर्स और उनके परिवारों के लिये प्रार्थना करती हूं कि वे सेहतमंद रहें और एक खुशहाल जिंदगी जियें।‘‘

सारा खान, ऊर्फ एण्डटीवी के ‘संतोषी मां सुनाएं व्रत कथाएं‘ की देवी पाॅलोमी कहती हैं, ‘‘इस महामारी के दौरान हर दिन अनिश्चित होता है। आप कभी नहीं जान पाते कि कौन और कब इस वायरस की चपेट में आने वाला है। इसी तरह, मैंने भी नहीं सोचा था कि मैं इसकी शिकार हो जाऊंगी। मेरे अंदर कोई लक्षण नहीं थे, लेकिन फिर मैं काफी बेचैन थी और मेरे डाॅक्टर ने मुझे शांत रखने और जल्द से जल्द ठीक होने में मेरी काफी मदद की। मैं काॅल्स और वीडियो काॅल्स के जरिये लगातार उनके संपर्क में थी। भले ही वे अपने काम में बेहद व्यस्त रहते हैं लेकिन वे हर मरीज पर खास ध्यान देते हैं। मेरे मामले में वे सिर्फ एक काॅल की दूरी पर थे। मेरे रिकवरी फेज में उनकी मेडिकल सलाह और हौसलाअफजाई के लिये मैं उनका जितना शुक्रिया अदा करूं, कम है। डाॅक्टर्स ईश्वर के दूत होते हैं और ‘नेशनल डाॅक्टर्स डे‘ के मौके पर मैं देश के सभी डाॅक्टर्स का उनकी सेवा के लिये दिल से शुक्रिया अदा करना चाहती हूं।‘‘

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