सिद्धार्थ अरोड़ा का अमृतसर का यादगार सफर

सिद्धार्थ अरोड़ा, जोकि एण्डटीवी के ‘बाल शिव‘ में महादेव का किरदार निभा रहे हैं, ने हाल ही में पंजाब के अमृतसर की यात्रा की, जहां उन्होंने स्वर्ण मंदिर में ‘वाहे गुरू‘ का आशीर्वाद लिया और शहर घूमने का खूब आनंद उठाया। सिद्धार्थ को घूमना-फिरना और नई जगहों पर जाना बहुत पसंद है और मशहूर हरि मंदिर साहिब जाने के पीछे उनकी एक खास वजह थी। सिद्धार्थ अरोड़ा ने बताया, ‘‘मैं पिछले 10 सालों से हर साल स्वर्ण मंदिर जा रहा हूं। हालांकि, पिछले दो साल कोरोना महामारी और काम को लेकर अपनी व्यस्तताओं के कारण मैं वहां नहीं जा पाया था। लेकिन इस साल, चाहे कुछ भी हो जाये, किसी भी तरह स्वर्ण मंदिर जाना मेरी सबसे प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक था। मैंने खुद से यह वादा किया था। यह उन पवित्र स्थलों में से एक है, जहां मुझे सुकून और सकारात्मकता की अनुभूति होती है। स्वर्ण मंदिर जाना उन खास मौकों में से एक होता है, जिसका मैं और मेरे परिवार वाले हर साल बेसब्री से इंतजार करते हैं। वहां जाकर मुझे जो अहसास होता है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मुझे ऐसा लगा कि मैं ख्वाबों की दुनिया में पहुंच गया। स्वर्ण मंदिर की हर यात्रा मेरे अंदर शक्ति, उम्मीद, शांति और समर्पण का संचार करती है। कम्युनिटी किचन या लंगर मेरे लिये वहां के सर्वश्रेष्ठ पलों में से एक हैं, जो लोगों की सेवा करने एवं हजारों लोगों के साथ प्रसाद का आनंद उठाने का एक बेहद खूबसूरत कार्य है। गुरू का लंगर और करा प्रसाद मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। मेरी यात्रा इसके बिना अधूरी है।‘‘ स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने के अलावा, सिद्धार्थ हर संभव कोशिश करते हैं कि वे अपने दोस्तों एवं परिवार वालों के साथ स्थानीय पकवानों का आनंद उठा सकें, विभिन्न पर्यटक स्थलों पर घूमने जाएं और स्थानीय बाजारों में खरीदारी भी कर सकें। इस बारे में बात करते हुये सिद्धार्थ ने कहा, ‘‘अमृतसर मुझे बहुत अच्छा लगता है। हर बार जब मैं यहां आता हूं, तो मुझे ऐसा लगता है कि यहां की कई चीजों के बारे में जानना और उसे देखना अभी भी बाकी है। अमृतसर में हर चीज बेहद सम्मोहक और सुकूनदायक है। यहां के लोग गर्मजोशी से भरपूर और दिल खोलकर स्वागत करने वाले हैं। मुझे यहां पर स्थानीय पकवानों का स्वाद चखना और शाॅपिंग करना अच्छा लगता है। आमतौर पर मैं नाश्ते में अमृतसरी कुलचों और लस्सी के साथ दिन की शुरूआत करता हूं। उसके बाद बारी आती है सरसों दा साग और मक्खन मंे लिपटी मक्के की रोटी की। मुझे यहां के स्ट्रीट फूड्स जैसे कि टिक्की, गोलगप्पे, चाट वगैरह भी बहुत अच्छे लगते हैं। मैं और मेरा दोस्त यश जलियावाला बाग, वाघा बार्डर और पार्टिशन म्यूजियम भी गये थे। मैंने स्थानीय बाजार में शाॅपिंग भी की, जहां से मैंने मौली दीदी यानी कि मौली गांगुली, जोकि एण्डटीवी के ‘बाल शिव‘ में महासती अनुसुइया का किरदार निभा रही हैं, के लिये एक फुलकारी सूट भी खरीदा। हमने अपने परिवार वालों के लिये जूतियों और दुपट्टों की खरीदारी भी की। इस शहर को आप जितना एक्सप्लोर करते हैं, आपको उतने ही खूबसूरत अनुभव होते हैं, जो आपको अमृतसर से प्यार करने पर मजबूर कर देंगे।‘‘

फ्लाइट से सफर करने के बजाय, सिद्धार्थ ने ट्रेन से यात्रा की, क्योंकि यह खूबसूरत ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरती है और आपको कई मनमोहक नजारे देखने को मिलते हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘‘मैं जब भी अमृतसर जाता हूं, आमतौर पर फ्लाइट की जगह ट्रेन लेता हूं, जिसकी दो वजहें हैं। पहला यह कि वाराणसी से अमृतसर के लिये कोई डायरेक्ट फ्लाइट नहीं है। और दूसरी यह कि ट्रेन से सफर करना ज्यादा सुविधाजनक और मजेदार होता है, फिर चाहे आप अकेले यात्रा कर रहे हों या परिवार के साथ। ट्रेन के सफर से जुड़ी मेरे बचपन और स्कूल की कुछ खुशनुमा यादें हैं। खूबसूरत नजारों का आनंद उठाने के अलावा, ट्रेन के सफर में कई पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं, आपके आस-पास अलग-अलग तरह के लोग होते हैं, मजेदार बातचीत, गेम्स, म्यूजिक, रीडिंग और कई सारी चीजें होती हैं। यह एक सबसे मनमोहक और तारोताजा कर देने वाला सफर होता है।‘‘

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