येलोस्टोन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की भव्य शुरूआत

30 सितंबर से 7 अक्टूबर चलेगा आयोजन

16 देशों से आयी 50 से ज्यादा फिल्मों की होगी स्क्रीनिंग

येलोस्टोन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की भव्य शुरूआत गुड़गांव स्थित डीएलएफ साइबरपार्क में शुक्रवार, 30 सितंबर को बड़े ही धूमधाम से हुई। सात अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में दुनिया भर के 16 देशों से आयी 50 से ज्यादा ऐसी फिल्मों की स्क्रीनिंग की ऐसी जायेगी जिसका निर्माण स्वतंत्र रूप से किया गया है। इस पूरे महोत्सव में 10 फिल्मों की फिजिकल और 46 की वर्चुअल स्क्रीनिंग शामिल है। इस महोत्सव में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, भारत, साइप्रस, इटली, नीदरलैंड, चिली, स्पेन, पाकिस्तान, बेल्जियम, तुर्की, श्रीलंका, न्यूजीलैंड और स्वीडन जैसे देश भाग ले रहे हैं।

महोत्सव का शुभारम्भ रसिका दुगल और मुकुल चड्ढा अभिनीत फंतासी फीचर फिल्म फेयरी फोल्क्स के भारत प्रीमियर और फ़राज़ अंसारी की लघु फिल्म शीर कोरमा की स्क्रीनिंग के साथ हुआ जिसमें स्टारकास्ट के साथ एक चर्चा भी हुई।

आपको बता दें कि येलोस्टोन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल विश्व स्तरीय सिनेमा को बढ़ावा देने का एक ऐसा मंच है जिसका मकसद दुनिया भर में विचारोत्तेजक विषयों पर बनाई बन रही इंडिपेंडेंट फिल्मों को बढ़ावा देने के साथ उन दर्शकों को समृद्ध करना है जो सार्थक संवाद कायम करने में विश्वास रखते हैं। वाईआईएफएफ के इस तीसरे और उच्चस्तरीय संस्करण में रेड कार्पेट प्रीमियर की मेजबानी के साथ उद्घाटन और समापन उत्सव भी शामिल है। यह फेस्टिवल इस लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जाने माने फिल्म निर्देशक तुषार त्यागी के द्वारा आयोजित किया जाता है जिनकी शार्ट फिल्म ‘सेविंग चिंटू’ को 2021 में ऑस्कर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था।

इस फेस्टिवल की विश्वसनीयता और विस्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें दुनिया भर के लगभग 122 देशों से 1500 से अधिक फिल्म प्रस्तुतियाँ प्राप्त हुईं। छह महीने से अधिक समय इनकी स्क्रीनिंग अवधि के दौरान प्रोग्रामिंग टीम ने 56 फिल्मों को बड़े ही सावधानीपूर्वक चुना जिनमें फीचर, शॉर्ट्स, एनिमेटेड फिल्मों के साथ वृत्तचित्र शामिल हैं। इन फिल्मों का चयन प्रासंगिक और मार्मिक कहानियों के साथ, इनके दर्शाने की गुणवत्तापूर्ण शैली के आधार पर किया गया है।

इस मौके पर अभिनेत्री दिव्या दत्ता ने कहा, “यह बेहद खुशी की बात है कि मेरी फिल्म शीर कोरमा को वाईआईएफएफ में प्रदर्शित किया गया और मैं पूरी वाईआईएफएफ टीम की बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह पुरस्कार दिया और इसमें भाग लेने के लिए उत्सुक हूं।”  शबाना आज़मी ने लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्राप्त करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “मैं इस पुरस्कार और दर्शकों से इतना प्यार प्राप्त करने के लिए बेहद उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रही हूं। येलोस्टोन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल स्वतंत्र सिनेमा को प्रदर्शित करने के लिए एक अच्छा काम कर रहा है जो एक बहुत ही आवश्यक संवाद बनाता है और बदलाव की उम्मीद”

समारोह पर टिप्पणी करते हुए अभिनेता इश्वाक सिंह ने कहा, “वाईआईएफएफ एक ऐसा त्यौहार है जो सर्वश्रेष्ठ इंडी फिल्मों को प्रदर्शित करता है, साथ ही यह इस क्षेत्र से जुड़े तमाम नयाब लोगों से मिलने और बातचीत करने के लिए एक मंच देता है। मुझे बेहद खुशी है कि मेरा शो ‘रॉकेट बॉय’ ने वाईआईएफएफ में पुरस्कार जीता है, यह पूरी टीम के लिए गर्व का क्षण है।”

अभिनेता जिम सर्भ ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “रॉकेट बॉयज” में मेरे प्रदर्शन के लिए मुझे सम्मानित करने के लिए येलोस्टोन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का धन्यवाद।” होमी भाभा के इस विचार से बेहतर कुछ भी नहीं है, वह कहते हैं कि “मृत्यु के बाद क्या आता है कोई नहीं जानता। न ही मुझे परवाह है चूँकि मैं जीवन की अवधि को बढ़ाकर उसकी सामग्री को नहीं बढ़ा सकता, इसलिए उसकी तीव्रता को बढ़ाकर मैं इसे बढ़ाऊंगा। कला, संगीत, कविता और बाकी सब कुछ मेरा एक ही उद्देश्य है – मेरे जीवन की चेतना की तीव्रता को बढ़ाना।”

लेखक-निर्देशक करण गौर द्वारा निर्मित भारत की पहली इम्प्रोवाइज़ेशनल और नए जमाने की फंतासी फिल्म ‘फेयरी फोक’ अभिनेता जोड़ी रसिका दुगल और मुकुल चड्ढा के ‘प्यार और कामुकता के कांटेदार सवालों’ को उठती एक फिल्म है और यही इस जादुई यथार्थवादी नाटक का केंद्रीय विषय भी।

‘शीर कोरमा’ अपनेपन और स्वीकृति, पहचान और परिवार की कहानी है जो साहसी, कतारबद्ध महिलाओं के माध्यम से बताई गई है जो अपने व्यक्तिगत विश्वासों और सामाजिक नैतिकता से परे मौजूद प्यार को गले लगाने का विकल्प चुनती हैं। फ़राज़ अंसारी द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दिग्गज अभिनेत्री शबाना आज़मी, दिव्या दत्ता और फायरब्रांड स्वरा भास्कर हैं।

येलोस्टोन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के संस्थापक तुषार त्यागी ने कहा, “हम अत्यधिक अनिश्चितता में जी रहे हैं, वर्तमान महामारी, चल रहे युद्ध और दुनिया में अन्य आपदाओं के लिए हमें अपने जीवन और उन चीजों पर आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है जिनसे हम अक्सर शर्माते हैं। महज बात करने से दूर सिनेमा ने हमेशा बहस और राय पर मंथन में एक अभिन्न भूमिका निभाई है, फिल्मों का हमारा चयन उन विचारों को दूर करने का वादा करता है।”

इस आठ दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रख्यात फिल्मी हस्तियों द्वारा कई पैनल चर्चाएं, विशेषज्ञों द्वारा मास्टरक्लास और भी बहुत कुछ होगा। महोत्सव के दौरान जिन फिल्मों की फिजिकल स्क्रीनिंग होगी उनमें शीर कोरमा, फेयरी फोल्क्स, सैंड स्ट्रोम (पाकिस्तान), 1947, कमिंग आउट विद द हेल्प ऑफ़ टाइम मशीन, लुक लाइक यू, मास्टर जी, मफ़िन क्लब और नेवर स्टॉप रनिंग शामिल है।

जिन फिल्मों की डिजिटल स्क्रीनिंग की जायेगी उनमें द ड्यून्स, नॉट टू फॉरगॉट, डाउन इन पेरिस, फाइंडिंग करेज, द राइट टू डाई, परदे, घोस्ट गर्ल, सोलमेट, द फ्लोरिस्ट, इतस गेट्स इन योर ब्लड और लुटिस्ट है।

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