जोरदार आमना सामना!

एण्डटीवी के शोज ‘दूसरी माँ‘, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के किरदार इस हफ्ते मुकाबला करते नजर आयेंगे। एण्डटीवी के ‘दूसरी माँ‘ की कहानी के बारे में बताते हुये यशोदा ने कहा, ‘‘एक किडनैपर यशोदा (नेहा जोशी) के घर में कदम रखता है। सुरेश (सुनील दत्त) कृष्णा (आयुध भानुशाली) को रोकता है, क्योंकि उसे लगता है कि कृष्णा घर से भागने की कोशिश कर रहा है। अरविंद सभी को बताता है कि कृष्णा चोर को पकड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कोई भी उस पर विश्वास नहीं करता। कृष्णा उदास हो जाता है और अपनी स्वर्गवासी मां माला (निधि उत्तम) को याद करता है। अशोक कमरे के बाहर से कृष्णा की बात सुनता है और बहुत दुखी होता है। अगले दिन कृष्णा के खिलाफ एक रिपोर्ट फाइल करने के लिये सुरेश पुलिस स्टेशन जाता है और कहता है कि कृष्णा ने घर से सामान चोरी करके भागने की कोशिश की है, जिससे कृष्णा डर जाता है। दूसरी ओर, अशोक पुलिस इंस्पेक्टर को यह समझाने का प्रयास करता है कि कृष्णा निर्दोष है। क्या वह कृष्णा को गलत आरोपों से बचाने में कामयाब हो पायेगा?‘‘


एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ के कहानी के बारे में बात करते हुये दरोगा हप्पू सिंह ने कहा, ‘‘साबुन बेचने वाला एक सेल्समैन राजेश (कामना पाठक) के पास पहुंचता है और उसे एक प्रतियोगिता के बारे में बताता है, जिसमें वह ऋषिकेश में छुट्टियां मनाने के लिये दो टिकट जीत सकती है। राजेश यह सुनकर  बहुत खुश होती है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं हैं। इसलिये वह साबुन खरीदने के लिये कटोरी अम्मा (हिमानी शिवपुरी) से कुछ पैसे उधार लेती है और प्रतियोगिता में भाग लेती है। बेनी (विश्वनाथ चटर्जी) भी ईनाम जीतने की उम्मीद में साबुन खरीदता है। हालांकि, इस मामले में राजेश खुशकिस्मत निकलती है और ईनाम जीत जाती है, जिससे बेनी को उससे जलन होने लगती है। राजेश हप्पू (योगेश त्रिपाठी) से अपने साथ चलने के लिये कहती है, ताकि वे एकसाथ थोड़ा खुशनुमा समय बिता पायें। दूसरी ओर, कटोरी अम्मा हप्पू से कहती हैं कि ऋषिकेश घूमने और पवित्र गंगा नदी में डुबकी लगाने की उम्र उनकी है। राजेश यह सुनकर नाराज हो जाती है और उनसे कहती है कि ईनाम उसने जीता है, किसी और ने नहीं, इसलिये ऋषिकेश भी वही जायेगी। कटोरी अम्मा राजेश को याद दिलाती है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये पैसे उसने उन्हीं से उधार लिये थे और इसलिये वास्तव में प्रतियोगिता की विजेता कटोरी अम्मा ही हैं। क्या राजेश हप्पू को उसे अपने साथ ऋषिकेश लेकर जाने के लिये मना पायेगी?‘‘

एण्डटीवी के ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की कहानी के बारे में बात करते हुये विभूति नारायण मिश्रा ने कहा, ‘‘अनीता (विदिशा श्रीवास्तव) विभिूति (आसिफ शेख) और चाचा जी (अनूप उपाध्याय) को तरह-तरह का व्यंजन बनाने की एक लंबी लिस्ट देती है, क्योंकि उसने एक इन्वेस्टर को डिनर पर आमंत्रित किया है। जब वे किचन में खाना पका रहे होते हैं, तो विभूति की नजर अंगूरी (शुभांगी अत्रे) पर पड़ती है और उसे अपने खाने से इम्प्रेस करने के लिये वह उसे भी डिनर पर बुला लेता है। शाम को इन्वेस्टर डिनर पर आता है और कुछ देर बाद अंगूरी एवं तिवारी जी (रोहिताश्व गौड़) भी उनके घर डिनर करने के लिये आते हैं। इन्वेस्टर को खाना बहुत पसंद आता है और वह विभूति एवं चाचा जी की पाक कला की तारीफ करता है। हालांकि, डिनर के बाद वह अनीता के ग्रूमिंग क्लासेज में निवेश करने के बजाय तिवारी जी के कच्छा-बनियान बिजनेस में पैसे लगाने का फैसला करता है, जिससे अनीता दुखी हो जाती है। इसके बाद अनीता विभूति और चाचा जी से कहती है कि उन्हें एक चाय की दुकान खोल लेनी चाहिये और पैसे कमाने चाहिये, क्योंकि वे खाना अच्छा पका लेते हैं। वे दोनों इसके लिये तैयार हो जाते हैं और अपना स्टाॅल खोलने की तैयारियों में जुट जाते हैं। उन्हें अच्छा मुनाफा होने लगता है और अनीता उन पैसों से शाॅपिंग कर तिवारी और अंगूरी को जलाने लगती है। अनीता के साथ मुकाबला करने के लिये अंगूरी उससे ज्यादा पैसे शाॅपिंग पर खर्च करने लगती है, जिससे तिवारी परेशान हो जाता है। इन दोनों में से आखिर कौन ज्यादा खरीदारी करेगा और दूसरे को जलायेगा, अनीता या अंगूरी?‘‘

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