कलाकारों ने चाॅकलेट से अपने प्यार और इससे जुड़ी खुशनुमा यादों के बारे में बताया

चाॅकलेट से हम इंसानों का प्यार कई साल पहले शुरू हुआ था और आज भी हर उम्र एवं क्षेत्र के लोग इसका भरपूर आनंद उठाते हैं। इस वल्र्ड चाॅकलेट डे पर एण्डटीवी के कलाकारों ने चाॅकलेट को लेकर अपने प्यार एवं इससे जुड़ी खुशनुमा यादों के बारे में बात की। इन कलाकारों में शामिल हैं- आयुध भानुशाली (‘दूसरी माँ‘ के कृष्णा), गज़ल सूद (‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कैट सिंह) और विदिशा श्रीवास्तव (‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अनीता भाबी)। आयुध भानुशाली ऊर्फ ‘दूसरी माँ‘ के कृष्णा ने कहा, ‘‘यदि मेरी मां इजाजत दें, तो मैं एक दिन में ही चाॅकलेट के पांच से छह बार्स तक खा सकता हूं (हंसते हैं)। चाॅकलेट के लिये मेरे प्यार को देखते हुये, वह हमेशा इन्हें मुझसे छिपा कर रखती हैं, लेकिन मैं उसे ढूंढ ही लेता हूं। मुझे याद है कि मेरे बर्थडे पर उपहार के रूप में मुझे ढेर सारे चाॅकलेट मिले थे और मेरी मां ने उन्हें सूटकेस में छिपा दिया था। बाद में, जब मैंने अपनी मां से एक चाॅकलेट बार मांगा, तो वह एक शर्त पर देने के लिये राजी हुई कि मैं समय पर सोने चला जाऊंगा। उसके बाद जब उन्होंने सूटकेट खोला, तो देखा कि उसमें एक-दो चाॅकलेट ही थे। शुरूआत में उन्हें लगा कि उन्होंने चाॅकलेट्स कई और रख दिये होंगे और उन्होंने ढूंढना शुरू किया। उन्हें इस तरह चाॅकलेट ढूंढते देखकर मैं अपनी हंसी नहीं रोक पाया और जोर-जोर से हंसने लगा। अब वह इस बात का ख्याल रखती हैं कि मैं ढेर सारी चाॅकलेट नहीं खाऊं। मुझे पूरा यकीन है कि चाॅकलेट से जुड़ी ऐसी मजेदार यादें हर किसी के पास होंगी। मेरी तरफ से सभी लोगों को वल्र्ड चाॅकलेट डे की ढेर सारी शुभकामनायें।‘‘

गज़ल सूद ऊर्फ ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कैट सिंह ने कहा, ‘‘चाॅकलेट और मेरा एक अटूट बंधन है। मुझे चाॅकलेट इतना पसंद है कि यदि कोई मुझसे अपना काम करवाना चाहता है, तो मुझे डाॅर्क चाॅकलेट की रिश्वत देनी होगी (हंसती हैं)। मुझे याद है कि अपने काॅलेज के दिनों में चाॅकलेट डे पर मुझे किसी अनजान शख्स से 50 अलग-अलग तरह के चाॅकलेट मिले थे। उसे देखकर मैं बहुत खुश हुई थी। मेरे दोस्त मुझे इस बात को लेकर छेड़ने लगे थे और कहते थे कि मेरा कोई सीक्रेट प्रशंसक है, लेकिन वह वाकई में बहुत प्यारा उपहार था। हालांकि, उस दिन वह चाॅकलेट्स मुझे किसने दिये थे, यह आज भी रहस्य है। मैं वाकई में उस शख्स का मेरी जिंदगी का ‘विल्ली वोंका‘ बनने के लिये दिल से शुक्रिया कहना चाहती थी। लेकिन वह इंसान आज तक मुझे नहीं मिला। मेरा मानना है कि चाॅकलेट का स्वाद चखने से कोई भी खुद को नहीं रोक सकता है। इसलिये, इस खास दिन का जश्न मनाइये और अपने दोस्तों एवं परिवार वालों पर अपना प्यार बरसाते हुये उन्हें उपहार में चाॅकलेट दीजिये।‘‘ विदिशा श्रीवास्तव ऊर्फ ‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अनीता भाबी ने कहा, ‘‘मैं चाॅकलेट और इसके स्वाद की बहुत बड़ी दीवानी हूं। माॅनसून में हाॅट चाॅकलेट का आनंद लेना मेरा एक पसंदीदा काम है। मुझे कभी भी चाॅकलेट की क्रेविंग हो सकती है और मैं चाॅकलेट का इस्तेमाल कर कुछ मजेदार और मीठा काॅम्बिनेशन्स बनाने की कोशिश करती रहती हूं। मुझे याद है कि एक बार मैं आउटडोर शूट के लिये एक जगह गई थी, जो शहर से थोड़ी दूर था। मैंने अपनी टीम से पूछकर पता किया कि वहां पर आस-पास कोई दुकान है क्या, जहां पर मुझे कुछ चाॅकलेट्स मिल जायें। लेकिन बहुत देर हो चुकी थी और बाजार बंद था। मैंने अपने दिमाग को भटकाने की कोशिश की, लेकिन चाॅकलेट पर से अपना ध्यान नहीं हटा पा रही थी। बाद में अपने कमरे में, मैंने देखा कि फाॅयल पेपर में लपेटकर दो छोटे-छोटे होममेड चाॅकलेट और कुछ बिस्किट्स रखे थे। फिर मैंने उन चाॅकलेट्स को पिघलाया, उसमें थोड़ा दूध डाला और बिस्किट्स की लेयर्स पर डाला। मैं जब यह सब कर रही थी, तो रात के 2 बजे थे और मुझे अहसास हुआ कि चाॅकलेट की अपनी क्रेविंग्स को दूर करने में मुझे लगभग तीन घंटे लगे। तो हां, कई लोगों की तरह, मुझे भी चाॅकलेट से बेइंतहां प्यार है।‘‘

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