एण्डटीवी के ‘अटल’ में 23 और 24 जनवरी को होगी ‘राम कथा’

एण्डटीवी के शो अटल में 23 और 24 जनवरी को सम्मोहक ‘राम कथा’ का अनुभव लेने के लिये तैयार हो जाईये। यह शो भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बचपन की कहानी से दर्शकों का दिल जीत रहा है। इसकी कहानी के आगामी दमदार कथानक में रामायण का युग दिखाई देगा। पंडित परिवार से ताल्लुक रहने वाला अटल पास के एक गांव में राम कथा के लिये अपने दादाजी के साथ जाता है। आयोजन के दौरान दादाजी, श्याम लाल वाजपेयी (मिलिंद दस्ताने) बीमार हो जाते हैं और कथा में बाधा होती है। नन्हा अटल (व्योम ठक्कर) बिना किसी संकोच के मंच पर आता है और अपने अनोखे अंदाज में राम कथा सुनाता है। उसे लोगों से तारीफ भी मिलती है। जब भगवान राम वनवास के लिये निकलते हैं, उस क्षण में भावुकता को चरम पर पहुँचाने के लिये गायकगण सेनजुति दास और निशांत पांडे, कम्पोजर निशांत राजा और गीतकार अमित शर्मा ने मिलकर एक खास गाना बनाया है।

कहानी के इस खास हिस्से के बारे में श्याम लाल वाजपेयी (मिलिंद दस्ताने) ने कहा, ”अटल और उसका परिवार बुरे हालात से गुजर रहा होता है, क्योंकि  उसके पिता कृष्ण बिहारी (आशुतोष कुलकर्णी) को पैसों की तंगी होती है। परिवार को रोजाना के खर्चों के लिये भी संघर्ष करना पड़ता है। इस बीच, दादाजी को, जो एक पंडित हैं, राम कथा सुनाने का अवसर मिलता है। उन्हें पास के एक गाँव में कथा वाचन के लिये बुलाया जाता है। अटल अपने दादाजी के साथ हो लेता है और जब दादाजी अचानक बीमार हो जाते हैं, तब अटल अपनी अनोखी शैली में राम कथा सुनाकर प्रशंसा पाता है। हालाँकि एक ब्रिटिश अधिकारी अपनी टीम के साथ आकर इसमें विघ्न डालता हैं। अटल को संस्कृति के लिये प्रतिबद्ध रहने के कारण जाना जाता है। वह बीच में आता है और विघ्न को चुनौती देता है। वह ब्रिटिश अधिकारियों को रामायण की महत्वपूर्ण शिक्षाएं देता है। विरोध कर रहे एक अधिकारी का मन अटल की बात सुनकर बदल जाता है। उसे रामायण की शाश्वत शिक्षा मिलती है और वह आदर से झुक जाता है। वह राम कथा की प्रशंसा करता है और आदर जताता है। सांस्कृतिक मूल्यों के लिये अटल का झुकाव संस्कृतियों के बीच समझ बढ़ाने का काम करता है। इसमें रामायण महाकाव्य का विश्वव्यापी प्रभाव भी दिखता है।“

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